चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब में चल रहे साइकोट्रोपिक दवाओं के अवैध कारोबार की जड़ें अब चंडीगढ़ तक फैलने की बात सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताज़ा जांच में यह खुलासा हुआ है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई चंडीगढ़ के कई इलाकों में भी की जा रही थी। ईडी ने हाल ही में पंजाब में इस नेटवर्क के अहम आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
ईडी को रिमांड के दौरान मिले इनपुट में पता चला है कि ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी साइकोट्रोपिक दवाएं निजी केमिस्ट दुकानों और कुछ क्लीनिकों के माध्यम से अवैध रूप से बेची जा रही थीं। इस जानकारी को ईडी जालंधर ने चंडीगढ़ यूनिट के साथ साझा कर दिया है। इसके बाद से चंडीगढ़ में सक्रिय केमिस्ट और क्लीनिक ईडी की निगरानी में आ गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी चंडीगढ़ आने वाले दिनों में उन निजी केमिस्ट शॉप्स और क्लीनिकों की जांच कर सकती है, जहां बिना वैध दस्तावेजों के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जा रही थी। यह जांच पंजाब पुलिस की उस एफआईआर से जुड़ी है, जिसमें अंतर-राज्यीय स्तर पर साइकोट्रोपिक दवाओं की तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। इसी सिलसिले में ईडी ने अभिषेक और उससे जुड़े लोगों के 16 ठिकानों पर छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे।
जांच के दौरान कई फार्मा कंपनियों और बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई है। ईडी के अनुसार अभिषेक कुमार ने अपनी फर्म ‘श्री श्याम मेडिकल एजेंसी’ के जरिए बड़ी मात्रा में साइकोट्रोपिक दवाएं खरीदीं और लगभग 75 प्रतिशत स्टॉक को रिकॉर्ड से बाहर रखकर पंजाब व चंडीगढ़ में अवैध रूप से सप्लाई किया। जिन कंपनियों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनमें बायोजेनेटिक ड्रग्स, सीबी हेल्थकेयर, समिलैक्स फार्माकेम, एस्टर फार्मा और साउल हेल्थकेयर शामिल हैं। ईडी को आशंका है कि इस नेटवर्क में चंडीगढ़ के कई केमिस्ट, क्लीनिक और स्थानीय सप्लायर भी शामिल हो सकते हैं।